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उसी गांव में एक राज नाम का लड़का था ,पढ़ने में थोड़ा कमजोर , यु कहे तो पढ़ने में तो कोई कमजोर नही होता पर उसका पढ़ाई में बिल्कुल भी मन नहीं लगता था।
वो भी उसी गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ता था। राज भले ही अपने स्कूल के किताबों से परहेज़ रखता था । पर वो कहानियों का बड़ा ही सौखींन था लॉक डाउन में पढ़ने के नाम पर अपने पापा से एक स्मार्ट फोन खरीद कर उसमे दिन भर फिल्मे देखता , कहानियां पढ़ता।
फिर एक दिन उसे कहानि लिखने का शौक हुआ और काफी दिनों तक सोचने के बाद की वो क्या लिखे एक दिन बिना सोचे वो कहानी लिखने बैठ गया और एक बार जो उसने लिखना शुरू किया बस अगले ही पल उसके सामने एक ऐसी कहानी बन के तैयार हो गई जिसे वो लिखने के बाद खुदको सबासी देते हुए कहा"वाह राज तूने तो इस कहानी में जान डाल दी, अब इसे मैं अपने दोस्तों को पढ़ने को दूंगा और एक दिन मेरे लिखे इन कहानियों पर भी फिल्मे बनेगी।"