Chapter 1 · Page 1 of 5Overall 1 / 5
🎬 TEASER — "गेट के नीचे कोई है" रात 3:07 बजे... फोन बजता है। "पापा कॉलिंग..." "बेटा... नीचे जाकर मेन गेट बंद कर दो।" नींद में डूबा एक लड़का उठता है। लेकिन खिड़की से बाहर देखते ही... उसकी दुनिया बदल जाती है। लैम्प पोस्ट के नीचे... उसके पापा खड़े हैं। और पागलों की तरह हाथ हिलाकर उसे नीचे आने से मना कर रहे हैं। फिर फोन पर आवाज़ आती है— "मैं तुम्हें देख रहा हूँ..." अंधेरे में कोई इंतज़ार कर रहा है। दरवाज़े के पीछे कोई साँस ले रहा है। और जो आवाज़ तुम्हें बुला रही है... वो तुम्हारा अपना भी नहीं हो सकता।
रात के ठीक 3:07 बजे मेरा फोन बजा।
स्क्रीन पर लिखा था — "पापा कॉलिंग..."
मैं आधी नींद में था।
"हेलो?"
दूसरी तरफ पापा की घबराई हुई आवाज़ आई—
"बेटा... घर का मेन गेट खुला रह गया है... ज़रा नीचे जाकर बंद कर दो।"
मैंने उनींदी आँखों से कहा—
"ठीक है पापा।"
कॉल कट गई।
मैं बेड से उठा और जैसे ही कमरे की खिड़की के पास पहुँचा, मेरी नज़र बाहर सड़क पर पड़ी।
सामने लगे पुराने लैम्प पोस्ट के नीचे...
पापा खड़े थे।
सफेद कुर्ता।
झुका हुआ सिर।
और वे बुरी तरह हाथ हिलाकर मुझे नीचे आने से मना कर रहे थे।
मेरे पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ गई।
मैंने तुरंत मोबाइल देखा।
अभी-अभी पापा का कॉल आया था।
लेकिन...
अगर पापा बाहर खड़े हैं...
तो मुझे कॉल किसने किया?
फोन अचानक फिर बज उठा।
"पापा कॉलिंग..."
मेरे हाथ काँपने लगे।
मैंने कॉल रिसीव की।
इस बार आवाज़ और धीमी थी।
"बेटा... जल्दी नीचे आओ... गेट के पास कोई खड़ा है..."
मैं कुछ बोल पाता उससे पहले...
फोन के स्पीकर से एक अजीब सी फुसफुसाहट सुनाई दी—
"मुझे दिख रहा है... तुम खिड़की के पास खड़े हो..."
मेरा खून जम गया।
कॉल कट गई।
मैंने दोबारा बाहर देखा।
